पथरी (किडनी स्टोन)

पथरी (किडनी स्टोन)

पथरी (किडनी स्टोन) एक पथरी है जो मूत्रनाली में बनती है। यह कठोर पदार्थ होती है जो किडनी में मूत्र प्रणाली के भीतर बनती है। पथरी कारणों के कारण उत्पन्न होती है, जिनमें प्रमुखतः मूत्रमार्ग में पर्याप्त पानी पीने की कमी, अधिक मूत्रार्थ उत्पन्न होने के कारण मूत्राशय में स्थित कैल्शियम, यूरिक एसिड, ऑक्सलेट कैल्शियम, फॉस्फेट आदि जैसे तत्वों का जमाव शामिल होता है।

पथरी के लक्षण यात्राओं में मूत्रमार्ग में दर्द, पेशाब करते समय तकलीफ, पेशाब करने में तकलीफ, मूत्र संबंधी समस्याएं, यूरीन में रक्त आदि शामिल हो सकते हैं।

पथरी का इलाज तकनीकों पर निर्भर करता है जैसे कि पथरी का आकार, स्थान और आपके लक्षणों का विश्लेषण किया जाता है। यह इलाज सामान्य रूप से पानी की मात्रा बढ़ाने, दर्द कम करने, वास्तविक या छोटे छोटे पथरी टुकड़ों को छोड़ देने, रासायनिक विघटन द्वारा पथरी को विघटित करने, या सर्जरी के माध्यम से पथरी को निकालने के माध्यम से किया जा सकता है।

पथरी के लक्षण

पथरी के लक्षण व्यक्ति के मूत्रमार्ग में प्रवेश करने वाले पथरी के आकार, स्थान और संयोजन पर निर्भर करते हैं। निम्नलिखित हैं कुछ सामान्य पथरी के लक्षण:

1 दर्द: मूत्रमार्ग में पथरी के बाल्क मूत्रमार्ग को अवरोध करने से दर्द हो सकता है। यह दर्द पेट के निचले हिस्से, पीठ, कमर, योनि या बगल क्षेत्र में महसूस हो सकता है। यह दर्द अकस्मात आपूर्ति के समय या गति बदलने पर बढ़ सकता है।

2 मूत्र में खून: पथरी के मूत्रमार्ग में या यूरीन में खून के साथ मूत्र आ सकता है, जिसे हमेमतुरिया कहते हैं।

3 मूत्रमार्ग में अवरोध: पथरी के कारण मूत्रमार्ग में अवरोध हो सकता है, जिससे मूत्र बार-बार रुक रुक कर आ सकता है या मूत्र निकलने में कठिनाई हो सकती है।

4 बदबूदार मूत्र: पथरी के कारण मूत्र बदबूदार हो सकता है।

5 मूत्र में तेल या संकरा: पथरी के कारण मूत्रमार्ग में तेल या संकरा जैसे पदार्थ आ सकते हैं, जो मूत्र का रंग बदल सकते हैं।

6 यूरीन इंफेक्शन: पथरी के कारण यूरीन इंफेक्शन की संभावना बढ़ सकती है। इसमें ज्वर, मूत्र में जलन, पेशाब का अकस्मात रोक या बार-बार पेशाब आने के लक्षण शामिल हो सकते हैं।

पथरी उपचार और लक्षण

पथरी (किडनी स्टोन) एक पथरी है जो मूत्रनाली में बनती है। यह कठोर पदार्थ होती है जो किडनी में मूत्र प्रणाली के भीतर बनती है। पथरी कारणों के कारण उत्पन्न होती है, जिनमें प्रमुखतः मूत्रमार्ग में पर्याप्त पानी पीने की कमी, अधिक मूत्रार्थ उत्पन्न होने के कारण मूत्राशय में स्थित कैल्शियम, यूरिक एसिड, ऑक्सलेट कैल्शियम, फॉस्फेट आदि जैसे तत्वों का जमाव शामिल होता है।

पथरी के लक्षण यात्राओं में मूत्रमार्ग में दर्द, पेशाब करते समय तकलीफ, पेशाब करने में तकलीफ, मूत्र संबंधी समस्याएं, यूरीन में रक्त आदि शामिल हो सकते हैं।

पथरी का इलाज तकनीकों पर निर्भर करता है जैसे कि पथरी का आकार, स्थान और आपके लक्षणों का विश्लेषण किया जाता है। यह इलाज सामान्य रूप से पानी की मात्रा बढ़ाने, दर्द कम करने, वास्तविक या छोटे छोटे पथरी टुकड़ों को छोड़ देने, रासायनिक विघटन द्वारा पथरी को विघटित करने, या सर्जरी के माध्यम से पथरी को निकालने के माध्यम से किया जा सकता है।

पथरी तोड़ने की दवा

सामान्यतः, चिकित्सा विशेषज्ञ द्वारा पथरी के उपचार में निम्नलिखित शामिल हो सकता है:

1 दर्द नियंत्रण: दर्द को कम करने के लिए पेनकिलर्स या एंटीइंफ्लामेटरी दवाएं प्रदान की जा सकती हैं।

2 पानी की मात्रा बढ़ाना: अधिक पानी पीने के लिए अनुशासनिक दिशा-निर्देशों के अनुसार आपको सलाह दी जा सकती है।

3 दारुहरिद्रा (हरिद्रा) का सेवन: यह जड़ी बूटी किडनी स्टोन के निष्कर्षण में सहायता करने के लिए उपयोगी हो सकती है।

4 संकरा औषधि: चिकित्सा विशेषज्ञ आपको कुछ संकरा औषधियों का सुझाव दे सकते हैं जो पथरी को विघटित करने में मदद कर सकती हैं।

यदि चिकित्सा विशेषज्ञ को आवश्यकता होती है, तो वे सर्जिकल प्रक्रिया जैसे नॉनिवेसिव या इन्वेसिव प्रक्रियाएं भी सुझा सकते हैं जो पथरी को हटाने के लिए की जाती हैं |

पथरी से जिंदगीभर बचे रहना चाहते हैं भूलकर भी न खाएं ये 6 चीजें

यदि आप पथरी से जिंदगीभर बचना चाहते हैं तो निम्नलिखित चीजों का सेवन कम करना या न करना आपके लिए सुझावित हो सकता है:

1 खाद्य पदार्थ जिनमें अधिक ऑक्सलेट होता है: आपको ऑक्सलेट से युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना चाहिए। इसमें टमाटर, आम, शुगरकेन, बीटरूट, आलू, स्पिनेच, चाय, कॉफी, चॉकलेट आदि शामिल हो सकते हैं।

2 शुगर युक्त आहार: अधिक मात्रा में शुगर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन भी रोकना चाहिए।

3 अधिक प्रोटीन सप्लीमेंट्स: अगर आप प्रोटीन सप्लीमेंट्स का सेवन कर रहे हैं, तो उनमें मूत्रमार्ग संबंधी समस्या को बढ़ावा देने वाले तत्व हो सकते हैं। आपको इसे कम करना या अपने चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए।

4 अधिक नमक: अधिक मात्रा में नमक का सेवन पथरी के निर्माण में सहायक हो सकता है, इसलिए आपको इसका सेवन कम करना चाहिए।

5 अल्कोहल: अल्कोहल आपके मूत्रमार्ग के संक्रमण के खतरे को बढ़ा सकता है, इसलिए अधिक मात्रा में अल्कोहल का सेवन न करें।

6 शरबत और सोडा: मीठे शरबत, सोडा और कार्बनेटेड पेय पदार्थों का सेवन भी कम करना चाहिए, क्योंकि इनमें ऑक्सलेट हो सकता है और पथरी के निर्माण का कारण बन सकता है।

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