पीलिया का इलाज हिंदी-आंखों के पीलेपन से छुटकारा पाये, कारण, लक्षण, उपचार और बचाव|

 

पीलिया {Jaundice} क्या है ?

पीलिया का इलाज हिंदी: पीलिया एक पाचन प्रणाली की बीमारी है जिसमें यकृत (लिवर) के कुछ भागों में सूजन होती है और यकृत की क्षमता में कमी होती है. यह एक सामान्य रूप से हार्मोनल बदलाव या वायरल संक्रमण के कारण हो सकता है. पीलिया के प्रमुख लक्षणों में त्वचा और आंखों का पीला हो जाना, पेशाब का रंग पीला हो जाना, पेट दर्द, थकान और पेट में सूजन शामिल हो सकती हैं.

पीलिया का इलाज हिंदी
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पीलिया रोग कैसे फैलता है ?

पीलिया का इलाज हिंदी: एक आम रोग है जो लिवर की समस्या के कारण होता है। यह रोग एक वायरल इन्फेक्शन के कारण उत्पन्न होता है, जिसमें लिवर में सूजन और जानलेवा परिणाम होते हैं। यह एक छूत के माध्यम से फैलता है जिसे एडेस मस्किटो नामक मच्छर संचारित करते हैं। इसके अलावा, पीलिया का प्रसार अस्वास्थ्यकर भोजन खाने, पानी पीने या संक्रमित व्यक्ति के साथ संपर्क में आने के माध्यम से भी हो सकता है।

पीलिया कितने पॉइंट होना चाहिए ?

पीलिया की गंभीरता को मापने के लिए अक्सर पीलिया प्रोटोकॉल का उपयोग किया जाता है, जिसमें रक्त में बिलीरुबिन की मात्रा का मापन किया जाता है. बिलीरुबिन की मात्रा पीलिया के स्तर का पता लगाने में मदद करती है.

इसके लिए, रक्त परीक्षण के माध्यम से बिलीरुबिन की मात्रा की गणना की जाती है. पीलिया की गंभीरता के आधार पर, ये पॉइंट्स निर्धारित किए जा सकते हैं:

1 : साधारण पीलिया: 1-3 पॉइंट

2 : मध्यम पीलिया: 4-10 पॉइंट

3 : गंभीर पीलिया: 11-15 पॉइंट

4 : जानलेवा पीलिया: 16 पॉइंट या उससे अधिक

Jaundice कितने प्रकार का होता है ?

पीलिया रोग कई प्रकार का होता है, जिनमें वायरल पीलिया, आल्कोहलिक पीलिया, आनुवांशिक पीलिया और हेमोलिटिक पीलिया शामिल हैं।

  • वायरल पीलिया: यह सबसे सामान्य प्रकार का पीलिया है और वायरस के कारण होता है। डेंगू, हेपेटाइटिस बी और सी, चिकनगुनिया, इबोला, जैपेनी इन्सेफेलाइटिस (जेपीई) और रोटावायरस समेत कई वायरस पीलिया का कारण बन सकते हैं।

 

  • आल्कोहोलिक पीलिया: यह पीलिया अत्यधिक शराब पीने के कारण होता है। लंबे समय तक अधिक मात्रा में शराब का सेवन करने से लिवर नुकसान होता है और यह पीलिया विकसित हो सकता है।

 

  • आनुवांशिक पीलिया: यह पीलिया जन्म से होने वाला होता है और यह व्यक्ति के लिवर की समस्या के कारण होता है। यह एक गंभीर रोग हो सकता है |

 

  • हेमोलिटिक पीलिया: इस प्रकार का पीलिया रक्त के कमी के कारण होता है, जिसमें रक्त की कोशिकाओं का कमी होता है और लिवर को नष्ट करने की क्षमता को प्रभावित करता है। इस प्रकार के पीलिया का इलाज रक्त कोशिका विनाश की समस्या का समाधान करने पर निर्भर करता है।

पीलिया में क्या खाना चाहिए?

यदि आप पीलिया से पीड़ित हैं तो निम्नलिखित आहार तत्वों को सेवन कर सकते हैं |

  • पपीता: पपीता एक प्रकार का फल है जो पीलिया के इलाज में मददगार साबित हो सकता है। यह बिलीरुबिन को घटाने में मदद करने वाले एंजाइम पैपेन का स्रोत होता है।

 

  • तरबूज: तरबूज में पानी की अधिक मात्रा होती है और यह शरीर को शुद्ध करने और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद कर सकता है।

 

  • लौकी: लौकी पीलिया में शामिल की जाती है क्योंकि इसमें पानी और फाइबर की अधिक मात्रा होती है जो पाचन को सुधारती है और लिवर को स्वस्थ रखने में मदद करती है।

 

  • हरी पत्तीयाँ: हरी पत्तीयाँ जैसे पालक, मेथी, सरसों आदि में बहुत सारा आंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन और मिनरल्स होते हैं जो लिवर के लिए उपयोगी होते हैं।

पीलिया का इलाज हिंदी आहार योजना में इन आहार तत्वों को शामिल करने से आपके शरीर को उचित पोषण मिलेगा और रोग के लक्षण को कम करने में मदद मिलेगी। लेकिन इससे पहले कि आप कोई खाद्य सामग्री या उपाय अपनाएं, अपने चिकित्सक से परामर्श करना सुनिश्चित करें।

पीलिया में क्या नहीं खाना चाहिए?

यदि आप पीलिया से पीड़ित हैं तो निम्नलिखित आहार तत्वों को सेवन न कर सकते हैं |

  • तली हुई और मसालेदार खाद्य सामग्री: तली हुई और मसालेदार खाद्य सामग्री में तेल और मसालों की अधिक मात्रा होती है, जो लिवर को अधिक ठोस काम करने के लिए बढ़ा सकता है। इसलिए, चिप्स, फ्रेंच फ्राइज, समोसे, पकोड़े आदि जैसी तली हुई खाद्य सामग्री से बचें।

 

  • तीखा और मसालेदार खाद्य सामग्री: तीखे और मसालेदार खाद्य सामग्री में मसाले और खारे तत्वों की अधिक मात्रा होती है, जो लिवर को अतिरिक्त दबाव डाल सकती है। मिर्च, लाल मिर्च, मसालेदार सॉस, चटनी, आदि से परहेज करें।

 

  • तला हुआ मांस: तला हुआ मांस जैसे फ्राइड चिकन, फ्राइड फिश, कटलेट, कबाब, आदि में तेल की अधिक मात्रा होती है, जो लिवर को ठोस काम करने के लिए ज्यादा परिश्रम करने के लिए मजबूर कर सकती है।

 

  • अल्कोहल: पीलिया में अल्कोहल का सेवन करना बहुत हानिकारक हो सकता है, क्योंकि यह लिवर को और अधिक सतर्क बना सकता है और उसे आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ बना सकता है। अल्कोहल का सेवन पूरी तरह से छोड़ें।

पीलिया के लक्षण !

पीलिया का इलाज हिंदी: यह रोग कई प्रकार का हो सकता है और इसके लक्षण व्यक्ति के सामान्य स्वास्थ्य स्तर पर निर्भर करते हैं। यदि आपको ये लक्षण दिखाई देते हैं, तो आप पीलिया से पीड़ित हो सकते हैं:

पीलिया का इलाज हिंदी
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  • पीला रंगीन त्वचा: पीलिया में एक व्यक्ति की त्वचा पीले रंग की दिखाई देती है, खासकर आँखों, नाखूनों, होंठों और जीभ के आसपास। यह पीलापन धीरे-धीरे बढ़ता है और रक्त की बिलीरुबिन स्तर के बढ़ने का परिणाम होता है।
  • भूख की कमी: पीलिया में व्यक्ति को भूख की कमी हो सकती है और वह खाने का मन नहीं करता है। यह लक्षण आमतौर पर बुखार के साथ दिखाई देता है और व्यक्ति को कमजोरी और थकान महसूस हो सकती है।
  • पेट में दर्द और उलटी: पीलिया के मरीजों में पेट में दर्द और उलटी की समस्या हो सकती है। यह लक्षण जीवाणुओं के कारण हो सकता है जो लिवर को प्रभावित करते हैं।
  • थकान और कमजोरी: पीलिया से पीड़ित व्यक्ति अक्सर थकान महसूस करता है और उन्हें काम करने की क्षमता में कमी आती है। यह लक्षण अवसाद और ऊर्जा की कमी के कारण हो सकता है।
  • पेशाब की रंगत में परिवर्तन: पीलिया के मरीजों के पेशाब की रंगत गहरी पीले रंग की होती है। यह बिलीरुबिन के उच्च स्तर के कारण होता है जो पेशाब में मिश्रित होता है।

Jaundice का जांच कैसे की जाती है?

पीलिया का इलाज हिंदी: पीलिया रोग एक ऐसी बीमारी है जिसमें बिलीरुबिन के स्तर में वृद्धि होती है और त्वचा और आंखों का पीलापन होता है। यदि आपको पीलिया के लक्षण महसूस होते हैं, तो आपको एक चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए और वे आपको विशेष परीक्षण की सलाह देंगे। यहां हम पीलिया का जांच करने के विभिन्न तरीके देखेंगे:

  • क्लिनिकल चिकित्सा परीक्षण: चिकित्सक आपके लक्षणों का आकलन करेंगे और आपके चरणों को परीक्षण करेंगे। वे आपके रक्त दान कर सकते हैं ताकि वे रक्त का विश्लेषण कर सकें और बिलीरुबिन के स्तर का पता लगा सकें।
  • रक्त परीक्षण: रक्त परीक्षण के लिए, चिकित्सक एक रक्त परीक्षण करेंगे जिसमें वे बिलीरुबिन के स्तर की मात्रा को मापेंगे। यह एक महत्वपूर्ण जांच है जिससे आपके रक्त के बिलीरुबिन स्तर का निर्धारण होता है।
  • सामग्री का परीक्षण: चिकित्सक आपके रक्त और रक्त में बिलीरुबिन के साथ-साथ अन्य पैरामीटरों की जांच करने के लिए आपका मल या पेशाब भी परीक्षण कर सकते हैं। इससे वे और अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और सही निदान कर सकते हैं।
  • इमेजिंग परीक्षण: पीलिया के जांच के लिए, चिकित्सक आपको अन्य इमेजिंग परीक्षणों में भी भेज सकते हैं, जैसे कि सोनोग्राफी या कंप्यूटर टॉमोग्राफी। ये परीक्षण आपके लिवर की स्थिति की जांच करने में मदद कर सकते हैं।

पीलिया का इलाज हिंदी आपके लिए सही जांच करना महत्वपूर्ण है ताकि चिकित्सक आपको सही उपचार और दवाओं का निर्धारण कर सकें। इसलिए, अगर आपको पीलिया के लक्षण महसूस होते हैं, तो जल्द से जल्द एक चिकित्सक से संपर्क करें और उपयुक्त जांच करवाएं।

पीलिया क्यों होता है?

  • लिवर समस्याएं: पीलिया का सबसे सामान्य कारण लिवर समस्याओं में से एक होता है। लिवर की समस्याएं जैसे कि लिवर संक्रमण, लिवर की सांत्वना, सिरोजिस आदि रक्त को बिलीरुबिन को सही ढंग से प्रसंस्कृत करने में असमर्थ बना सकती हैं।
  • जिगर की संक्रमण: वायरल इंफेक्शन जैसे हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी जिगर की संक्रमण के कारण पीलिया हो सकता है। ये संक्रमण बिलीरुबिन के स्तर में वृद्धि कर सकते हैं और इसका परिणाम त्वचा के पीलापन के रूप में दिखाई देता है।
  • गैलब्लैडर समस्याएं: गैलब्लैडर में स्टोन्स, गैलब्लैडर के संक्रमण, या गैलब्लैडर की सांत्वना आदि कारणों से भी पीलिया हो सकता है। ये समस्याएं बिलीरुबिन की सही प्रोसेसिंग और निकालने की क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं।
  • आनुवंशिक कारण: कई मामलों में, पीलिया आनुवंशिक भी हो सकता है, जिसका मतलब है कि यह रोग परिवार के सदस्यों के बीच एक उच्चतर स्थान पाने की संभावना होती है। ऐसे मामलों में, व्यक्ति का एक अद्यावत कारक पीलिया के विकास का कारण हो सकता है।

पीलिया का इलाज हिंदी में उपलब्ध है और इसे एक्सपर्ट चिकित्सक द्वारा समय पर पहचाना जा सकता है।

पीलिया का इलाज हिंदी |

  1. पहली बात यह है कि आपको एक विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए जो पीलिया के निदान और उपचार में विशेषज्ञता रखता है।
  2. इलाज का मुख्य ध्यान लिवर की स्वास्थ्यपूर्णता पर होना चाहिए। यह समावेश करता है रक्त शुद्धिकरण, तत्वों की पुनर्स्थापना, लिवर का संक्षेपण और सामरिक अभ्यास के माध्यम से।
  3. आहार में सुधार करना भी महत्वपूर्ण है। आपको स्वस्थ और पौष्टिक भोजन खाना चाहिए, जिसमें प्रोटीन, फल, सब्जियां, अनाज और प्राकृतिक तत्वों की अच्छी मात्रा हो।
  4. पीलिया में ताजगी और पानी की पर्याप्त मात्रा का सेवन भी बहुत महत्वपूर्ण है। इससे आपके शरीर को विषाक्त पदार्थों का निकालने में मदद मिलती है और शरीर की प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखती है।
  5. आपको नियमित रूप से दवाएं लेनी चाहिए, जैसे कि आपके चिकित्सक ने निर्धारित किया हो। यदि आपको कोई दवाई से संबंधित समस्या होती है, तो अपने चिकित्सक को सूचित करें ताकि उचित उपाय किया जा सके।

पीलिया का इलाज हिंदी में घरेलु नुस्के |

पीलिया का इलाज हिंदी में घरेलु नुस्के में ये कुछ उदाहरण है |

  1. अदरक और नींबू: अदरक का रस निकालें और इसमें थोड़ा सा नींबू का रस मिलाएं। इस मिश्रण को रोजाना खाली पेट पीने से पीलिया में लाभ हो सकता है।
  2. पपीता: पपीता पीलिया के इलाज में अत्यंत प्रभावी हो सकता है। पपीते को छिलके के साथ खाएं या पपीते का रस निकालकर पिएं।
  3. भूने चावल: एक छोटे से प्याले में भूने हुए चावल डालें और उन्हें पीस लें। इस पाउडर को दूध में मिलाकर पीने से पीलिया में आराम मिल सकता है।
  4. भूनी हुई सूखी मूंगफली: भूनी हुई सूखी मूंगफली खाने से भी पीलिया में लाभ हो सकता है।
FAQs

Question 1 : पीलिया क्या है?

Answer : पीलिया एक बहुत सामान्य रोग है जिसमें शरीर के कुछ हिस्सों के पीले रंग की त्वचा और आंखें हो जाती हैं। इसका कारण होमोजिस्टीस वायरस या अन्य तत्वों के संक्रमण या शरीर के प्रतिरोध में कमजोरी हो सकती है।

Question 2 : पीलिया के क्या लक्षण होते हैं?

Answer : पीलिया के मुख्य लक्षणों में आंख पीली होने लगती है और नाखून भी पिला पढ़ने लगता है |

अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें  | 🙏

पीलिया का इलाज हिंदी में ये कुछ महत्वपूर्ण लिंक है|

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